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जल जीवन मिशन के दिशा-निर्देश | राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन । नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग, उ0प्र0

जल जीवन मिशन के दिशा-निर्देश

जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्यों/संघीय राज्यों को नियोजित करके प्रत्येक घर को चालू नल संयोजन की सुरक्षा प्रदान करनी है । यह राज्य सरकारों/विभागों के लिए संभव नहीं होगा कि कि प्रत्येक घर के लिए जलापूर्ति का प्रबंध करे इसलिए ग्रामों में जलापूर्ति हेतु ग्राम पंचायतों/इसकी उप समितियों/स्थानीय समुदाय की भूमिका नियोजन, कार्यान्वयन, प्रबंधन, संचन व अनुरक्षण में बहुत महत्त्वपूर्ण है । . इसके अतिरिक्त पंचायतों के पास जलापूर्ति को प्रबंधित करने हेतु संवैधानिक जनादेश है । इसलिए, यह आवश्यक है कि कि ग्रामों के भीतर स्थानीय समुदाय/ग्राम पंचायत तथा/ अथवा इसकी उप समितियां यथा ग्राम जलापूर्ति समिति/पानी समिति/उपयोगकर्ता समूह इत्यादि संचलन व अनुरक्षण, लागत वसूली, व सुप्रशासन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएँ । जल जीवन मिशन के उद्देश्य को हासिल करने हेतु निम्नलिखित रणनीति अपनाई जा सकती है :-

  • राज्यों/संघीय राज्यों द्वारा मार्च, 2020 से पूर्व ही घरेलू संयोजनों के आधारिक विवरण का पुनर्सत्यापन व निर्धारण   
  • प्रत्येक घर में तीन स्थानों पर एफ एच टी सी उपलब्ध करवाना यथा रसोई घर, नहाने धोने का क्षेत्र तथा शौचालय
  • घरेलू नल संयोजन उपलब्ध करवाने के निमित्त वर्षों से सृजित जलापूर्ति अवसंरचना में सामंजस्य स्थापित करना, पुरानी प्रणाली को सुयोग्य बनाना तथा जीर्णोद्वार करना
  • पुरानी सुयोग्य बनाई हुई प्रणाली तथा प्रगतिरत योजनाओं को वरीयता प्रदान की जाएगी तथा इसके बाद पूर्ण हो चुकी पाइप्ड जलापूर्ति योजनाओं को वरीयता दी जाएगी जिनसे स्टैंड पोस्ट के माध्यम से जल की प्राप्ति हो रही है
  • जिन ग्रामों में उनकी भौगोलिक सीमा के भीतर ही निर्धारित गुणवत्ता का पर्याप्त भूजल उपलब्ध है, उसी स्रोत को जलापूर्ति हेतु उपयोग किया जाएगा
  • ग्रामों में जहां चालू हैंड पंप मौजूद हैं वहाँ उनकी गहराई बढ़ाना यदि आवश्यक हुआ तो बढ़ाया जाएगा तथा उन्हे सेवा प्रदान करने वाले स्रोत के डिलीवरी मॉडल के रूप में भी प्रयोग किया जा सकता है
  • जन जातीय/पहाड़ी/वनीय क्षेत्रों में, गुरुत्त्वाकर्षण तथा/अथवा सौर ऊर्जा आधारित जलापूर्ति योजना के विकल्प का अन्वेषण किया जाए जिसका संचलन व अनुरक्षण कम लागत लेता हो तथा इसे ही वरीयता दी जाए
  • पहाड़ियों तथा पर्वतीय क्षेत्रों में झरने पेयजल का एक विश्वसनीय स्रोत होते हैं, इनका अन्वेषण किया जाए
  • गरम व ठंडे  रेगिस्तानों में नवाचारित पहुँच तथा संभावित प्रौद्योगिकी के हस्तक्षेप का अन्वेषण किया जाए
  • ग्राम जहां पर्याप्त मात्रा में भूजल उपलब्ध है परंतु जहां गुणवत्ता की समस्या है, स्थिति के अनुसार त्वरित निवारण वाली प्रौद्योगिकी का हस्तक्षेप किया जाए
  • ग्राम, जो सूखा बाहुल्य क्षेत्रों में आते हैं, वहाँ जल के मेल खाते हुये बहु स्रोतों यथा तालाबों , झीलों, नदियों, दूर से जलापूर्ति, वर्षा जल संचयन/अथवा अप्राकृतिक रीचार्ज का प्रयोग किया जाए

यह राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन, उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट है।
इस वेबसाइट की विषय वस्तु राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रकाशित व प्रबंधित की जाती है।
इस वेबसाइट से संबंधित कोई भी जानकारी प्राप्त करने हेतु “वेब सूचना प्रबंधक” से संपर्क करें।

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अंतिम अद्यतन तिथि : शनिवार, 07, अगस्त 2021 | 03:47 PM
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