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जल जीवन मिशन गतिविधियाँ | राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन । नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग, उ0प्र0

जल जीवन मिशन गतिविधियाँ

ग्राम कार्ययोजना (वी ए पी)10 ग्राम पंचायतों अथवा इसकी उप समितियों यथा वी डब्ल्यू एस सी/पानी समिति /उपयोगकर्ता समूह इत्यादि द्वारा तैयार की जाएगी जिसमें आई एस ए, पी एच ई डी /आर डब्ल्यू एस विभागों का सहयोग होगा । यह योजना आधारिक सर्वेक्षण के आधार पर संसाधन मानचित्रण तथा ग्रामीण समुदाय द्वारा अनुभव की गई आवश्यकताओं को शामिल करते हुये तैयार की जाएगी । इसमें निम्नलिखित बातों का समावेश होगा :-

  • जलापूर्ति का इतिहास/ग्रामों में उपलब्धता, सूखे (अकाल) का विवरण/जल अल्पता/ चक्रवात/बाढ़ अथवा कोई अन्य प्राकृतिक आपदा; किसी आपातकालीन व्यवस्था किए जाने का इतिहास यथा टैंकरों, ट्रेनों के माध्यम से जलापूर्ति ; जलापूर्ति से संबन्धित कार्यों के उप भाग, स्रोतों का मजबूत किया जाना, जल उपलब्धता की सामान्य प्रवृत्ति, प्रमुख जल जनित बीमारियां;
  • ग्राम जलापूर्ति की वर्तमान स्थिति जिसमें स्रोत, जल गुणवत्ता मुद्दे, यदि कोई हों तथा संचालन व अनुरक्षण प्रबंधन
  • जल स्रोतों में वर्तमान समय में पानी की उपलब्धता (फसलों से मापा हुआ) तथा तथा इसके दीर्घकालीन निरंतरता;
  • गाँव में पानी के आंकलन की आवश्यकता तथा उपलब्ध संसाधन । इस पर आधारित एकल ग्राम (एस वी एस) योजना के निर्माण हेतु निर्णय लेना, अथवा बहु ग्राम योजना(एम वी एस) का एक भाग तैयार करना
  • आंशिक लागत में नगद/समतुल्य/श्रम तथा नियमित संचलन व अनुरक्षण में योगदान देने हेतु इच्छा सहित व्यक्तियों की उपलब्धता
  • ग्राम पंचायतों के सदस्यों तथा/अथवा इसकी उप समितियों यथा वी डब्ल्यू एस सी/पानी समिति /उपयोगकर्ता समूह, साधारण तकनीशियन आदि का क्षमता वर्धन करना, समुदाय के मध्य जल के विवेकपूर्ण उपयोग तथा जीवन स्तर के बदलाव के बारे में जागरूकता पैदा करना इत्यादि
  • प्रतावित जल स्रोत की स्थिति, नहाने/धोने के स्थान, पशुओं के पानी पीने के स्थान, तकनीकी विकल्प का अंतिमीकरण, कार्यान्वयन कार्यक्रम, दीर्घावधि संचलन व अनुरक्षण योजना इत्यादि
  • ग्राम पंचायत तथा/ अथवा इसकी उप समितियों यथा वी डब्ल्यू एस सी/पानी समिति, उपयोगकर्ता समूह आदि के पक्ष में – ग्राम में ही जलापूर्ति अवसंरचना के निर्माण हेतु भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करना;
  • ग्राम पंचायतों तथा/अथवा इसकी उप समितियों यथा वी डब्ल्यू एस सी/पानी समिति, उपयोगकर्ता समूह तथा इसके सदस्यों आदि का डी डब्ल्यू एस एम, एस डब्ल्यू एस एम, आई एस ए, संस्था, पी एच ई डी/आर डब्ल्यू एस विभाग से जुड़ाव व उनकी सम्पूर्ण भूमिका व उत्तरदायित्व है कि ग्राम में स्थित सार्वजनिक संस्थाओं यथा विद्यालय, आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, समूह भवन इत्यादि में जल उपलब्ध करवाया जाए
  • संचलन व अनुरक्षण कार्यों, छोटे छोटे मरम्मत कार्यों आदि हेतु ग्राम्य स्तर के तकनीशियनों को चिन्हित करना
  • ग्राम में समर्पित व्यक्तियों को चिन्हित करना जो फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से जल की गुणवत्ता को टेस्ट करें तथा इसका प्रशिक्षण भी प्रदान करें
  • ग्रेवाटर प्रबंधन के उपाय ; xv) सफाई निरीक्षण का कार्यक्रम ; xvi) जल सुरक्षा योजना
  • ग्राम पंचायत तथा/अथवा अथवा इसकी उप समितियों यथा वी डब्ल्यू एस सी/पानी समिति, उपयोगकर्ता समूह इत्यादि द्वारा ग्राम सभा में समुदाय तथा बसी सभी बस्तियों , आई एस ए, डी डब्ल्यू एस एम, पी एच ई डी/आर डब्ल्यू एस विभाग इत्यादि की भागीदारी सुनिश्चित करना । ग्राम कार्य योजना ग्राम सभा में स्वीकृत की जाएगी जब गाँव की 80% आबादी मीटिंग में उपस्थित हो तथा तैयार की गई कार्य योजना से सहमत हो । तत्पश्चात ग्राम कार्य योजना को डी डब्ल्यू एस एम में अग्रिम कार्यवाही हेतु प्रेषित किया जाएगा । इस योजना की तकनीकी स्वीकृति पी एच ई डी/आर डब्ल्यू एस विभाग/बोर्ड द्वारा प्रदान की जाएगी ।

ज़िला कार्य योजना (डी ए पी)

ई डब्ल्यू एस एम , ज़िला कार्य योजना (डी ए पी) के अंतिमीकरण हेतु उत्तरदायी होगा , में सम्मिलित होंगे :-

  • त्रैमासिक और वार्षिक योजना के साथ सभी ग्रामीण घरों में चालू नल संयोजन 2024 तक उपलब्ध करवाने की रणनीतिक योजना
  • सभी प्राप्त ग्राम कार्य योजनाओं का संकलन
  • ग्राम कार्य योजनाओं से उभर कर आने वाले घटकों का विश्लेषण और उनका डाटाबेस तैयार करना
  • चालू घरेलू नल संयोजन की उपलब्धता हेतु वित्तीय आवश्यकता तथा चिन्हित की गई गतिविधियों की समयसीमा बनाना । विभिन्न स्तरों पर मानव संसाधन की आवश्यकता तथा उनका क्षमता वर्धन, ज़िला कार्य योजना का ही एक भाग होगी ।
  • उन ग्रामों का चिंहीकरण जहां जलापूर्ति प्रणाली स्थापित की जानी है, स्थानीय जल स्रोतों पर आधारित होगा जिस हेतु, पुराने यंत्रों की फिटिंग तथा वृद्धि /अथवा जहां भू सतह जल स्रोतों से जलापूर्ति की आवश्यकता हो
  • स्वस्थानिक परंपरागत कृषि पद्धतियों का चिन्हींकरण करना/ उन अवसंरचनाओं का रेट्रोफिटिंग द्वारा नवीकरण करना जिससे उनके द्वारा की जाने वाली पेय जलापूर्ति में वृद्धि हो सके ;
  • मुख्य पाइपों, जल स्रोतों का आंकलन करना, उपचार सुविधा (मरम्मत कार्य) की आवश्यकता, ऊंचे भडारण जलाशय, नालों, जल पंपों, सौर पैनलों, वितरण नेटवर्क, चालू घरेलू नल संयोजन, नहाने/धोने के स्थान, पशुओं द्वारा पाने पीने के गड्ढे , ग्रे वाटर ट्रीटमेंट तथा साधनों का पुनर्प्रयोग, स्रोतों की निरंतरता मापने के साधन इत्यादि जनपद के भीतर ही वांछित है तथा इनकी लागत ;
  • नाभिकायित आई एस ए के अतिरिक्त वांछित आई एस ए की संख्या का चिंहीकरण, उनके परिनियोजन तथा ग्राम कार्य योजना प्रारम्भ करने वाले ग्राम में उपलब्धता सुनिश्चित करना
  • क्षमता वर्धन, प्रशिक्षण, थर्ड पार्टी निरीक्षण, संचलन व अनुरक्षण तथा अन्य आई ई सी गतिविधियों हेतु योजना बनाना
  • ग्राम कार्य योजना से निकले हुए साधनों के संमिलन बिन्दुओं को चिन्हित करना कि क्या वे जल की आवश्यकता को पूरा करते हैं ;
  • ज़िला जल गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला हेतु एन ए बी एल से मान्यता लेने की योजना बनाना तथा ब्लॉक/ग्राम स्तर पर जल गुणवत्ता परीक्षण का मॉडल चिन्हित करना;
  • ज़िला कार्ययोजना की सम्पूर्ण लागत, समय सीमा तथा धनराशि की आवश्यकताएँ व उत्पाद ;
  • गाँव में इस प्रणाली का संचलन व अनुरक्षण साथ साथ क्षेत्रीय जलापूर्ति, वित्तीय व संस्थागत आवश्यकता तथा व्यवस्था ;
  • एस डब्ल्यू एस एम को अंतिमीकृत ज़िला कार्य योजना भेजना

राज्य कार्य योजना (एस ए पी)

राज्य कार्य योजना (एस ए पी) 12 को राज्य के सम्पूर्ण पेयजल की सुरक्षा के उद्देश्य सहित इस प्रकार तैयार किए जाने की आवश्यकता है; कि पेयजल की आपूर्ति को किसी भी गाँव में टैंकरों/ट्रेनों द्वारा अथवा हैंड पंपों की स्थापना आदि के माध्यम से उपलब्ध करवाना रोका जा सके ;

राज्य कार्य योजना पी एच ई डी/आर डब्ल्यू एस विभाग की सहायता से एस डब्ल्यू एस एम के द्वारा तैयार व अंतिमीकृत की जाएगी जो ज़िला कार्य योजनाओं पर आधारित होगी ।

वर्तमान में उपलब्ध संरचना की रेट्रोफिटिंग को वरीयता दी जाएगी यथा प्रथम दो वित्तीय वर्षों में प्रारम्भ की गई व पूर्ण की गई पाइप्ड जलापूर्ति योजनाएँ तथा प्रगतिरत पाइप्ड जलापूर्ति योजनाओं को चिन्हित करना; इसके अतिरिक्त जल गुणवत्ता प्रभावित क्षेत्रों में, जे ई- ए ई एस क्षेत्रों में, डीडीपी क्षेत्रों, डी॰पी॰ए॰पी॰ क्षेत्रों, आकांक्षित जनपदों तथा सांसद आदर्श ग्राम योजना (एस ए जी वाई) ग्रामों में मार्च 2021 में चालू घरेलू नल संयोजन उपलब्ध करवाने को वरीयता दी जाएगी,

2024 तक राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति करने के निमित्त जल जीवन मिशन एक परियोजना दृष्टिकोण का अनुपालन करेगा :-

इस हेतु, राज्य कार्य योजना वर्ष 2024 की अवधि तक के लिए तैयार की जाएगी, परस्पर जो सम्पूर्ण रणनीतिक योजना को आच्छादित करती है For this, कार्यान्वयन के तौर-तरीके , की जाने वाली गतिविधियां, समय सीमा के साथ प्राप्त किए जाने वाले परिणाम, वार्षिक वित्तीय परिव्यय इत्यादि । राज्य कार्य योजना के अंतर्गत रणनीतिक योजना स्रोत की निरंतरता, कार्यक्षमता, निगरानी , कार्यान्वयन हेतु थर्ड पार्टी निरीक्षण, जल मापन, ग्रे वाटर प्रबंधन, तथा प्रणाली की व्यापक संचलन व अनुरक्षण योजना का विस्तृत स्रोत होगी । राज्य कार्य योजना डी डी डब्ल्यू एस द्वारा संबन्धित राज्य/संघीय राज्य से विचार विमर्श के उपरांत विचारित व स्वीकृत की जाएगी। राज्य कार्य योजना पर आधारित, वित्तीय व्यवस्था का प्रबंध किया जाएगा ।

राज्य/संघीय राज्य की वार्षिक कार्य योजना (ए ए पी) स्वीकृत राज्य कार्य योजना से निकलेगी जिसमें वित्तीय व जनपद वार लक्ष्य समाहित होंगे तथा ये डी डी डब्ल्यू एस/एन जे जे एम को भेजे जाएंगे । वार्षिक कार्य योजना को संबन्धित राज्य/संघीय राज्य से परामर्श के उपरांत डी डी डब्ल्यू एस/एन जे जे एम द्वारा स्वीकृति प्रदान की जाएगी तथा वार्षिक कार्य योजना (ए ए पी) के अंतर्गत प्राप्त उपलब्धियों को ध्यान में रखते हुए धनराशि अवमुक्त की जाएगी।

यह राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन, उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट है।
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अंतिम अद्यतन तिथि : शनिवार, 07, अगस्त 2021 | 03:47 PM
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